Class 10 Hindi Solutions रचना Textbook Questions and Answers

स्वाध्याय
1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
प्रश्न 1.
गोपी को प्रसादजी की कविता कौन समझाने वाला था ?
(अ) निमेष
(ब) नरेश
(क) अविनाश
(ड) रमेश
उत्तर :
(क) अविनाश
प्रश्न 2.
‘तुम चाहो तो शिष्ट भाषा में आवेदन पत्र दे सकते हो ।’ यह वाक्य कौन कहता है ?
(अ) रमेश
(ब) निमेष
(क) नरेश
(ड) गोपी
उत्तर :
(अ) रमेश
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
प्रश्न 1.
‘कविता क्या है ?’ इस प्रश्न का गोपी क्या उत्तर देती है ?
उत्तर :
‘कविता क्या है’ इस प्रश्न का उत्तर देते हुए गोपी कहती है-‘कविता आत्मा की कला है, वह संवेदना का सौंदर्य है।’
प्रश्न 2.
रमेश और नरेश ग्राम पंचायत के सदस्यों का विरोध क्यों करते थे ?
उत्तर :
ग्राम पंचायत के सदस्य रमेश और नरेश के सवालों का जवाब नहीं देते थे, इसलिए ये दोनों ग्राम पंचायत के सदस्यों का विरोध करते थे।
प्रश्न 3.
अविनाश नरेश को किसी का तिरस्कार न करने के लिए क्यों कहता है ?
उत्तर :
समझदार नवयुवक अविनाश के मतानुसार वे लोग गांव के पढ़े-लिखे युवक होने के नाते उनकी जिम्मेदारियां अधिक है। इसलिए अविनाश नरेश से किसी का तिरस्कार न करने के लिए कहता है।
प्रश्न 4.
रमेश ने अविनाश को आशावादी क्यों कहा ?
उत्तर :
समझदार और सुलझा हुआ युवक अविनाश पंचायत के सदस्यों के खिलाफ नियमानुसार और शालीन ढंग से कार्यवाई करके परिणाम प्राप्त करने की आशा रखता है। इसलिए रमेश अविनाश को आशावादी कहता है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए ।
प्रश्न 1.
गाँव के युवक पंचायत के पदाधिकारियों से किस बात पर नाराज थे ?
उत्तर :
खाद के वितरण में अनियमितता, गरीबों के लिए आए राशन की काला बजारी, पंचायत का घाटे में चलना आदि घोटालों का जवाब गाँव के युवक पंचायत के पदाधिकारियों से मांगते थे, पर पदाधिकारी जवाब देने से बचते थे। इसलिए गांव के युवक पंचायत के पदाधिकारियों से नाराज थे।
प्रश्न 2.
अपने असंतोष को व्यक्त करने के लिए उन्होंने किन-किन साधनों का उपयोग किया ?
उत्तर :
गांव के युवकों में पंचायत में हुए घोटालों से असंतोष था। युवकों ने अपना असंतोष व्यक्त करने के लिए पंचायत के कार्यालय के समक्ष अनशन (उपवास) करने और पदाधिकारियों को आवेदनपत्र सौंपने जैसे साधनों का उपयोग किया।
प्रश्न 3.
नरेश और उसके साथी अपने हाथों का कौन-सा कमाल दिखाना चाहते थे ?
उत्तर :
गाँव के युवक रमेश, नरेश, निमेष, अविनाश पंचायत के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे घोटालों से नाराज थे और अनशन पर बैठे थे। जब पदाधिकारियों ने उनकी बात का जवाब न दिया, तो उन्होंने पंचायत कार्यालय पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके द्वारा वे अपने हाथों से पत्थरबाजी का कमाल दिखाना चाहते थे।
प्रश्न 4.
रमेश पथराव क्यों करना चाहता है ?
उत्तर :
पंचायत के घोटालों को लेकर युवकों ने आवेदनपत्र देकर पदाधिकारियों से जवाब मांगा, तो वे पीछले दरवाजे से भाग खड़े हुए। इस पर रमेश को गुस्सा आया और उसने पंचायत के कार्यालय पर पथराव करने का निश्चय किया। जिससे पथराव की बात सुनकर पदाधिकारी दौड़ आए।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के पाँच-छः वाक्यों में उत्तर लिखिए :
प्रश्न 1.
अविनाश पथराव का विरोध क्यों करता है ?
उत्तर :
अविनाश एक समझदार युवक है। वह नियमानुसार काम करने में विश्वास करता है। वह तोड़-फोड़ में विश्वास नहीं रखता। अविनाश को पंचायत भवन से लगाव है। इसकी नींव तैयार होने के समय से वह उससे जुड़ा रहा है। उसने मकान की रचना में हाथ बंटाया था। इसलिए अविनाश मकान पर पथराव का विरोध करता है।
प्रश्न 2.
‘रचना’ एकांकी से हमें क्या सीख मिलती है ?
उत्तर :
आजकल विरोध करने के नाम पर लोगों में तोड़-फोड़ करने और सम्पत्ति का नुकसान करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जो गलत है। तोड़-फोड़ से हम अपना और राष्ट्र का ही नुकसान करते हैं। इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने की आवश्यकता है। हमें कोई भी आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चलाना चाहिए और उसके परिणाम की प्रतीक्षा करनी चाहिए। इस एकांकी से यही संदेश मिलता है।
5. निम्नलिखित वाक्य किसने कहे हैं, लिखिए :
प्रश्न 1.
ये सुशिक्षित हैं, समझदार भी हैं परंतु अभी इन्होंने अपने हाथ से कुछ रचा नहीं है ।
प्रश्न 2.
कविता समझने से कोई फायदा नहीं होगा ।
प्रश्न 3.
अपशब्दों के उपयोग पर अविनाश का प्रतिबंध है ।
प्रश्न 4.
हो सकता है, किसी नए प्रसाद की रचना इस विद्रोह और प्रतीक्षा के बीच जन्म ले ।
6. आशय स्पष्ट कीजिए :
प्रश्न 1.
कविता आत्मा की कला है, संवेदना का सौंदर्य है ।
उत्तर :
कविता मात्र शब्दों का समूह न होकर कवि के हृदय से शब्दों के रूप में निकली हुई सुंदर भावना होती है। कविता के माध्यम से कवि अपने मन में होनेवाले बोध को सुंदर ढंग से कागज पर उतारता है। कविता में उसकी भावना की छाप दिखाई देती है। कविता संवेदना का सौंदर्य है।
7. निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :
प्रश्न 1.
- फायदा × ………..
- शिक्षित × ………..
- कोमल × ………..
- भ्रष्टाचार × ………..
- सहयोग × ………..
उत्तर :
- फायदा × नुकसान
- शिक्षित × अशिक्षित
- कोमल × कठोर
- भ्रष्टाचार × शिष्टाचार
- सहयोग × असहयोग
Hindi Digest Class 10 रचना Important Questions and Answers
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चार-पांच वाक्यों में लिखिए :
प्रश्न 1.
अविनाश की चारित्रिक विशेषताएं दर्शाइए।
उत्तर :
अविनाश सुलझा हुआ, सुशिक्षित नवयुवक है। गांव के यवक पंचायत के सदस्यों द्वारा होनेवाले घोटालों के विरुद्ध अनशन पर बैठे थे। उन्होंने आवेदनपत्र देकर पदाधिकारियों से जवाब मांगा तो पदाधिकारी भाग गए। इस पर युवकों ने पंचायत कार्यालय पर पथराव करना आरंभ किया। लेकिन अविनाश इस तोड़-फोड़ में विश्वास नहीं करता था।
अविनाश- पंचायत के निर्माणकार्य से जुड़ा होने के नाते उससे लगाव रखता था। पंचायत का मकान बचाने के लिए वह खुद जख्मी हो जाता है। पत्थरबाजों से कहता है यदि आपने निर्माण में हाथ बंटाया होता तो इस मकान को न तोड़ते। अविनाश की बातों से अनशनकारी प्रभावित हो जाते है, अफसोस करते हैं। इससे कहा जा सकता है कि अविनाश एक सुलझा हुआ, सुशिक्षित नवयुवक है।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
प्रश्न 1.
रमेश, निमेष और नरेश किस काम में अपने हाथों का सदुपयोग करेंगे?
उत्तर :
रमेश, निमेष और नरेश ग्राम पंचायत के कार्यालय पर पत्थरबाजी करने में अपने हाथों का सदुपयोग करेंगे।
प्रश्न 2.
अविनाश साथियों को पंचायत घर पर पत्थरबाजी करने से क्यों रोकता है?
उत्तर :
अविनाश साथियों को पंचायत घर पर पत्थरबाजी करने से रोकता है, क्योंकि पंचायत घर की रचना में उसका सहयोग होने से उससे वह अपनत्व महसूस करता है।
प्रश्न 3.
अविनाश को पंचायत के मकान से क्यों लगाव था?
उत्तर :
अविनाश को पंचायत के मकान से लगाव था, क्योंकि उसकी नींव रखते समय उसने स्वेच्छा से उसमें हाथ बंटाया था।
प्रश्न 4.
अविनाश ने आवेदनपत्र में क्या लिखा था?
उत्तर :
अविनाश ने आवेदनपत्र में पंचायत द्वारा किए गए घोटालों तथा अन्य भ्रष्टाचारों के बारे में लिखा था।
प्रश्न 5.
रमेश, निमेष, नरेश और अविनाश अनशन पर क्यों बैठे थे?
उत्तर :
रमेश, निमेष, नरेश और अविनाश अनशन पर बैठे थे, क्योंकि कई बार प्रार्थनापत्र देने और प्रतीक्षा करने के बाद भी पंचायत के सदस्यों ने उनके सवालों के जवाब नहीं दिए थे।
प्रश्न 6.
निमेष के अनुसार नरेश को अपशब्दों का प्रयोग क्यों नहीं करना चाहिए?
उत्तर :
निमेष के अनुसार नरेश को अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके नेता अविनाश ने इस पर प्रतिबंध लगाया है।
प्रश्न 7.
गाँव में राशन वितरण करने का काम कौन करता है?
उत्तर :
गांव में राशन वितरण करने का काम सहकारी मंडली करती है।
निम्नलिखित कथनों का आशय स्पष्ट कीजिए :
प्रश्न 1.
जो लंबा भाषण कर सकता है, उसके लिए जवाब देना तो बड़ा आसान होता है। .
उत्तर :
भाषण देना एक कला है। जो जितना अच्छा भाषण दे सकता है, वह श्रोताओं को उतना ही अधिक लुभा सकता है। भाषण में अपने विषय को श्रोताओं के समक्ष विस्तार से बताना होता है और उसे रोचक ढंग से पेश करना होता है। जो लोग इस कला में माहिर होते हैं, उनके भाषण लोकप्रिय होते हैं। ऐसे लोगों के लिए किसी प्रश्न का जवाब देना बाएं हाथ का खेल होता है।
प्रश्न 2.
मुझे इस मकान से लगाव है, क्योंकि जब इसकी नींव तैयार हो रही थी तब मैने स्वेच्छा से हाथ बढ़ाया था।
उत्तर :
कहावत है – “विनाश आसान है, निर्माण कठिन है।’ निर्माण का अर्थ है किसी वस्तु को जन्म देना। मनुष्य को अपनी निर्मित वस्तु से उतना ही प्यार और लगाव होता है, जितना अपनी संतान से। जितनी तकलीफ उसे अपने बच्चे पर पड़नेवाले कष्ट से होती है, उतनी ही तकलीफ उसे अपने हाथों से निर्मित वस्तु के विनाश से होती है। मकान से तो मनुष्य का इतना अधिक लगाव होता है कि जर्जर अवस्था में भी वह उसे नहीं छोड़ना चाहता।।
उपर्युक्त पंक्तियों में अविनाश का उस मकान से तब से संबंध रहा है, जब उसकी नींव पड़ रही थी। नींव पड़ने से लेकर पूरा मकान बनने तक वह उससे जुड़ा रहा है। इस तरह मकान-निर्माण में अविनाश का पूर्ण सहयोग रहा था, अतः उसके मुंह से उपयुक्त विधान सहज रूप से निकलता है।
सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए :
प्रश्न 1.
रमेश, निमेष, नरेश और अविनाश अनशन पर बैठे थे, क्योंकि…
(अ) प्रार्थनापत्र देने के बाद भी सदस्यों ने जवाब नहीं दिया था।
(ब) वे अष्टाचार करनेवालों को सजा दिलाना चाहते थे।
(क) सहकारी मंडली की स्थापना करनी थी।
उत्तर :
रमेश, निमेष, नरेश और अविनाश अनशन पर बैठे थे, क्योंकि प्रार्थनापत्र देने के बाद भी सदस्यों ने जवाब नहीं दिया था।
प्रश्न 2.
जो लंबा भाषण कर सकता है ….
(अ) वह अच्छा लेखक बन सकता है।
(ब) वह नेता बन सकता है।
(क) उसके लिए जवाब देना बड़ा आसान होता है।
उत्तर :
जो लंबा भाषण कर सकता है उसके लिए जवाब देना बड़ा आसान होता है।
प्रश्न 3.
मनुष्य को अपनी निर्मित वस्तु से उतना ही प्यार और लगाव है, जितना …
(अ) अपने घर से।
(ब) अपनी संतान से।
(क) अपने परिवार से।
उत्तर :
मनुष्य को अपनी निर्मित वस्तु से उतना ही प्यार और लगाव है, जितना अपनी संतान से।
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
प्रश्न 1.
- अविनाश ने गोपी को ……………. की कविता समझाने का वादा किया था। (निरालाजी, प्रसादजी) ।
- लम्बे ………. करनेवालों के लिए जवाब देना बड़ा आसान होता है। (भाषण, वकाव्य)
- शिष्ट भाषा में आवेदनपत्र लिखने का काम ………. को सौंपा गया था। (निमेष, अविनाश)
- गाँव में राशन वितरण का काम ………. करता है। (सहकारी मंडली, अविनाश)
- विनाश आसान है, निर्माण ……….. है। (सरल, कठिन)
- अच्छा भाषण देनेवाला ………… को लुभा सकता है। (श्रोताओं, दर्शकों)
- अविनाश के साथी …………… पर पत्थरबाजी कर रहे थे। (डाकघर, पंचायत घर)
- अविनाश का भाषण पंचायत द्वारा किए गए …………… तथा अन्य भ्रष्टाचारों के बारे में था। (कार्यों, घोटालों)
- अविनाश ने …………… की नींव रखते समय स्वेच्छा से हाथ बंटाया था। (पंचायत के मकान, डाकघर)
- सदस्यों से जवाब न मिलने पर रमेश, निमेष, नरेश और अविनाश ………. पर बैठे थे। (हड़ताल, अनशन)
उत्तर :
- प्रसादजी
- भाषण
- अविनाश
- सहकारी मंडली
- कठिन
- श्रोताओं
- पंचायत घर
- घोटालों
- पंचायत के मकान
- अनशन
निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
प्रश्न 1.
‘ये सुशिक्षित हैं, समझदार भी हैं परंतु अभी इन्होंने अपने हाथ से कुछ रचा नहीं है।’ यह वाक्य कौन कहता है?
A. रमेश
B. अविनाश
C. गोपी
D. निमेष
उत्तर :
B. अविनाश
प्रश्न 2.
हो सकता है, किसी नए प्रसाद की रचना इस विद्रोह और प्रतीक्षा के बीच जन्म लें।’ यह वाक्य कौन कहता है?
A. गोपी
B. अविनाश
C. रमेश
D. निमेष
उत्तर :
A. गोपी
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
प्रश्न 1.
- सवाल – …………..
- जवाब – …………..
- मवेशी – …………..
- शिष्ट – …………..
- तारीफ – …………..
- कोशिश – …………..
- दरवाजा – …………..
- गलती – …………..
- कार्यालय – …………..
- पर्याप्त – …………..
- हाथ – …………..
- इंतजार – …………..
- आसान – …………..
- बधाई – …………..
- मदद – …………..
- चालाक – …………..
- फालतू – …………..
- हुक्म – …………..
- कुत्ता – …………..
- उम्मीद – …………..
- ताकतवर – …………..
- पलायन – …………..
उत्तर :
- सवाल – अर्जी
- जवाब – समाधान
- मवेशी – प्राणी
- शिष्ट – संस्कृत
- तारीफ – प्रशंसा
- कोशिश – चेष्टा
- दरवाजा – द्वार
- गलती – खता
- कार्यालय – दफ्तर
- पर्याप्त – काफी
- हाथ – कर
- इंतजार – प्रतीक्षा
- आसान – सरल
- बधाई – अभिनंदन
- मदद – सहावता
- चालाक – होशियार
- फालतू – व्यर्थ
- हुक्म – आज्ञा
- कुत्ता – श्वान
- उम्मीद – आशा
- ताकतवर – बलवान
- पलायन – गायब
निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
प्रश्न 1.
- प्रवेश × ………….
- वादा × ………….
- फायदा × ………….
- सौंदर्य × ………….
- तिरस्कार × ………….
- युवक × ………….
- प्यास × ………….
- आशावादी × ………….
- उम्मीद × ………….
- पर्याप्त × ………….
- निर्णय × ………….
- शिष्ट × ………….
- ताकतवर × ………….
उत्तर :
- प्रवेश × निर्गमन
- वादा × वादा खिलाफी
- सौंदर्य × कुरूपता
- तिरस्कार × सत्कार
- युवक × वृद्ध
- प्यास × तृप्ति
- आशावादी × निराशावादी
- उम्मीद × नाउम्मीदी
- पर्याप्त × अपर्याप्त
- निर्णय × अनिर्णय
- शिष्ट × अशिष्ट
- ताकतवर × कमजोर
निम्नलिखित संधि को छोड़िए :
प्रश्न 1.
- संतुलन – …………..
- संकल्प – …………..
- प्रतीक्षा – …………..
- संवेदना – …………..
- पर्याप्त – …………..
- अनशन – …………..
- महोदय – …………..
- सदुपयोग – …………..
- एकांत – …………..
- भ्रष्टाचार – …………..
- तिरस्कार – …………..
- रमेश – …………..
- शुभेच्छा – …………..
- निर्देश – …………..
- वीरोचित – …………..
- निर्लज्ज – …………..
उत्तर :
- संतुलन = सम् + तुलन
- संकल्प = सम् + कल्प
- प्रतीक्षा = प्रति + ईक्षा
- संवेदना = सम् + वेदना
- पर्याप्त = परि + आप्त
- अनशन = अन् + अशन
- महोदय = महा + उदय
- सदुपयोग = सत् + उपयोग
- एकांत = एक + अंत
- भ्रष्टाचार = भ्रष्ट + आचार
- तिरस्कार = तिरः + कार
- रमेश = रमा + ईश
- शुभेच्छा = शुभ + इच्छा
- निर्देश = निः + देश
- वीरोचित – वीर + उचित
- निर्लज्ज = निः + लज्ज
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
प्रश्न 1.
- कवि की रचना
- जिसका विनाश न हो
- जिसमें शर्म न हो
- साथ-साथ काम करना
- रासायणिक खाद
- पत्थर फेंकने की क्रिया
- राह देखना
- किसी राज्य या सरकार को उलटने के लिए किया गया उपद्रव
- पंचों की मंडली या सभा
- जिसमें लियाकत न हो
- मवेशियों को रखने का स्थान
उत्तर :
- कविता
- अविनाश
- बेशर्म
- सहकार
- उर्वरक
- पथराव
- प्रतीक्षा
- विद्रोह
- पंचायत
- नालायक
- पिंजरापोल
निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
- कुंडली मारकर बैठना – स्थायी रूप से बैठना वाक्य : इस बार बहुत बारिश हो रही है मानो बादल कुंडली मारकर बैठ गए हो।
- मुंह में मुंह डाले खुसुर-फुसुर करना – बहुत धीरे से बातें करना वाक्य : नये शिक्षक को देखकर विद्यार्थी मुंह में मुंह डाले खुसुर फुसुर करने लगे।
- नींद हराम कर देना – चैन से न सोने देना वाक्य : नए दारोगा ने अपराधियों की नींद हराम कर दी है।
- प्राणों की बाजी लगाना – जान जोखिम में डालना वाक्य : आज़ादी के लिए वीरों ने जान की बाजी लगा दी।
- हाथ बंटाना – सहायता करना वाक्य : विकास कार्य में सबको हाथ बंटाना चाहिए।
- चैन से सोना – निश्चिंत होना वाक्य : शादी का कार्यक्रम खत्म होते घरवाले चैन से सो गए।
निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
प्रश्न 1.
- बच्चा – …………..
- पढ़ना – …………..
- कोमल – …………..
- सदस्य – …………..
- शांत – …………..
- बढ़ाना – …………..
- शिष्ट – …………..
- प्रचुर – …………..
- जानना – …………..
- चालाक – …………..
- गरीब – …………..
- बिगड़ना – …………..
- पत्थर – …………..
- पंडित – …………..
- रुकना – …………..
- उत्सुक – …………..
- सुंदर – …………..
- सदस्य – …………..
- अपना – …………..
- ऊँचा – …………..
उत्तर :
- बच्चा – बचपन
- पढ़ना – पढ़ाई
- कोमल – कोमलता
- सदस्य- सदस्यता
- शांत – शांति
- बढ़ाना – बढ़ावा
- शिष्ट – शिष्टता
- प्रचुर – प्रचुरता
- जानना – जानकारी
- चालाक – चालाकी
- गरीब – गरीबी
- बिगड़ना – बिगाड़
- पत्थर – पथराव
- पडित – पांडित्य
- रुकना – रुकावट
- उत्सुक – उत्सुकता
- सुंदर – सुंदरता
- सदस्य – सदस्यता
- अपना – अपनापन
- ऊंचा – ऊंचाई
निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :
प्रश्न 1.
- चौकी – …………..
- वादा – …………..
- निर्णय – …………..
- कविता – …………..
- सलाह – …………..
- प्रार्थना – …………..
- आवेदन – …………..
- लिखना – …………..
- वितरण – …………..
- निर्देश – …………..
- भ्रष्टाचार – …………..
- अभिनय – …………..
- सुनना – …………..
- रचना – …………..
- विद्रोह – …………..
- पत्थर – …………..
उत्तर :
- चौकी – चौकीदार
- वादा – वादाखोर
- निर्णय – निर्णायक
- कविता – कवि
- सलाह – सलाहकार
- प्रार्थना – प्रार्थी
- आवेदन – आवेदक
- लिखना – लेखक
- वितरण – वितरक
- निर्देश – निर्देशक
- भ्रष्टाचार – भ्रष्टाचारी
- अभिनय – अभिनेता
- सुनना – श्रोता
- रचना – रचयिता
- विद्रोह – विद्रोही
- पत्थर – पत्थरबाज
निम्नलिखित समास को पहचानिए :
प्रश्न 1.
- ग्राम पंचायत
- बेशर्म
- कार्यालय
- पंचायत
- नालायक
- चौकीदार
- माता-पिता
- तोड़फोड़
- सुशिक्षित
उत्तर :
- तत्पुरुष
- बहुव्रीहि
- तत्पुरुष
- द्विगु
- बहुव्रीहि
- उपपद तत्पुरुष
- द्वन्द्व
- द्वन्द्व
- कर्मधारय
रचना Summary in Hindi
विषय-प्रवेश :
विरोध प्रकट करने के लिए बल-प्रयोग और तोड़-फोड़ करने का तरीका बहुत दिनों से काम में लाया जाता रहा है। प्रस्तुत एकांकी में लेखक ने वर्तमान परिस्थितियों में नवयुवकों को तोड़-फोड़ करने के बजाय प्रतीक्षा करने और सामाजिक कार्य में संलग्न होने का संदेश दिया है।
पाठ का सार :
ग्राम पंचायत का कार्यालय : पंचायत के कार्यालय के दरवाजे के सामने गांव के निमेष, रमेश और नरेश आदि युवक अनशन कर रहे हैं। गोपी अविनाश को खोजते हुए आती है। वह गोपी को यहाँ प्रसाद जी की कविता का अर्थ समझानेवाला था। रमेश गोपी से कहता है कि कविता समझने से कोई फायदा नहीं होगा, वह कोई ठोस काम करे।
हाथों का कमाल : नरेश गोपी से कहता है कि आज हम अपने हाथों का कमाल दिखानेवाले हैं, अर्थात् अपने हाथों का उपयोग करेंगे। रमेश कहता है कि, आज हम यहाँ से हटनेवाले नहीं हैं और न पंचायत के किसी सदस्य को हटने देंगे। जब तक वे हमारे सवालों के जवाब न दे दें। हमने कितनी बार प्रार्थनापत्र दिए, कितने दिन प्रतीक्षा की। अब हारकर उपवास पर बैठे हैं।
अविनाश का आगमन : नरेश पंचायत कार्यालय के बंद दरवाजे के पास जाकर दरार से भीतर देखने की कोशिश करता है। वह रमेश को बताता है कि अंदर लोग मुंह में मुंह डाले गुटुर-पुटुरकर रहे हैं। तभी अविनाश आता है और वह उनको किसी का तिरस्कार न करने का सुझाव देता है।
आवेदनपत्र : अविनाश पंचायत के पदाधिकारियों को देने के लिए आवेदनपत्र तैयार करके लाया है। पत्र में पदाधिकारियों द्वारा किए गए विभिन्न घोटालों का उल्लेख है। रमेश चौकीदार से यह आवेदनपत्र अंदर भिजवाता है। चौकीदार काफी देर के बाद कमरे से बाहर आता है और किसी को कुछ बताए बिना कार्यालय में ताला लगा देता है।
कार्यालय पर पथराव : अनशन पर बैठे युवकों को यह समझते देर नहीं लगती कि अधिकारी पत्र पाकर पिछले दरवाजे से भाग गए हैं। अनशनकारियों को इससे बहुत गुस्सा आता है और वे पंचायत भवन पर पथराव करना शुरू कर देते हैं। अविनाश को यह अच्छा नहीं लगता। वह प्रतीक्षा करने के पक्ष में है, पर दूसरे लोग उसकी बात नहीं सुनते हैं। वह कार्यालय के दरवाजे के सामने खड़ा हो जाता है और कहता है यह मकान हमारा है। हम इसे नुकसान नहीं पहुँचने देंगे। अनशनकारी उसे वहाँ से हट जाने के लिए कहते हैं, पर वह किसी की नहीं सुनता। पत्थरबाजी जारी रहती है। नरेश के पत्थर से अविनाश को भी चोट लग जाती है।
अविनाश का कथन : गोपी घायल अविनाश के पास पहुंचती है। अविनाश उससे कहता है कि यह तो कुछ भी नहीं है, यदि आग के गोले आते तो भी वह यहाँ से नहीं हटता। ये लोग इस मकान को तोड़ रहे हैं, क्योंकि इन्होंने इसे रचा नहीं था। मुझे इस मकान से लगाव है, क्योंकि जब इसकी नींव तैयार हो रही थी, तब मैंने स्वेच्छा से हाथ बढ़ाया था। मेरी जगह ये लोग होते, तो ये भी इस मकान की रक्षा करते, इसे तोड़ते नहीं।
संकल्प : अविनाश की बात अन्य अनशनकारियों को प्रभावित करती है। वे अपने किए पर अफसोस करते हैं। रमेश अविनाश से माफी मांगते हुए कहता है कि आज तुमने हमें सही अर्थों में जगाया है, अपने प्राणों की बाजी लगाकर। अनशनकारी संकल्प करते हैं कि वे किसी की रचना को कभी तोड़ेंगे नहीं, प्रतीक्षा करेंगे और सहेंगे।
रचना शब्दार्थ :
- ग्राम पंचायत – विवाद या झगड़े का निपटारा करने के लिए गाँव के चुने हुए लोगों का समूह।
- जम्हाई – कब, आलस आदि से होनेवाली शारीरिक क्रिया, उबासी।
- संवेदना – अनुभूति, सहानुभूति।
- सौंदर्य – खूबसूरती।
- पर्याप्त – काफी, जितना चाहिए उतना।
- सदुपयोग – अच्छा उपयोग।
- कोमल – नाजुक, मुलायम।
- प्रतिबंध – रोक। प्रतीक्षा-इंतजार।
- हस्ती – अस्तित्व, व्यक्तित्व।
- कुबूल – स्वीकार, मंजूर।
- पिंजरापोल – गोशाला।
- मवेशी – पशु, जानवर।
- जवाब-तलब – जवाब मांगना।
- मेहरबानी – कृपा, अनुग्रह।
- संस्कृत-प्रचुर – संस्कृतनिष्ठ।
- बेशर्म – निलज्ज।
- फलना – फलित होना।
- होनहार – अच्छे लक्षणोंवाली।
- बुद्ध – बेवकूफ।
- गलतफहमी – गलत समझना।
- खुसुर-फुसुर – कानाफूसी, बहुत धीमी आवाज में बातचीत।
- तिरस्कार – अपमान, अनादर। रेशन-राशन, खाद्यपदार्थ ।
- हुकुम – आदेश।
- उपवास – अनशन, व्रत।
- असर – प्रभाव।
- भंग करना – तोड़ना।
- असंभव – जो संभव न हो।
- भड़काना – उकसाना।
- पलायन – भागना।
- सुशिक्षित – जिसने अच्छी शिक्षा पाई हो।
- रचना – निर्माण करना, बनाना।
- लगाव – संबंध, ताल्लुक।
- स्वेच्छा – अपनी मर्जी।
- संतुलन – सापेक्षिक तौल बराबर होना।
- लज्जित – शर्मिदा।
- अडिग – अटला
- जगाना – चैतन्य करना।
- संकल्प – इच्छा, विचार।
- प्रतीक्षा – इंतजार।



