Class 10 Social Science Chapter 10 भारत : कृषि

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:

प्रश्न 1.
कृषि के प्रकारों पर टिप्पणी लिखिए ।
उत्तर:
भारत में सिंचाई पद्धति, कृषि उत्पादन, आर्थिक बदला जैसी बातों के आधार पर कृषि को निम्न प्रकारों में विभाजित किया गया है:

(1) जीवन-निर्वाह कृषि: आजादी के बाद आयोजन पंच के द्वारा अनेक योजनाएँ लागू करने के उपरांत भी अनेक किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर है । छोटे कद के किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर है । छोटे कद के खेतों में महंगे बीज, खाद और जंतुनाशकों का उपयोग करना महँगा पड़ता है । खेतों में होनेवाला अनाज का उत्पादन अपने परिवार के उपयोग जितना ही होता है, वह उस परिवार के भरणपोषण में ही खर्च होता है, उसे जीवन-निर्वाह या आत्मनिर्वाह कृषि कहते हैं ।

(2) शुष्क खेती: जहाँ बरसात कम होती है और सिंचाई की सुविधा भी कम है, वहाँ शुष्क खेती की जाती है । इस प्रकार की कृषि में नमी का बहुत महत्त्व होता है । यहाँ वर्ष में मात्र एक ही फसल ले सकते है । यहाँ ज्वार, बाजरी और दलहने कम पानी की कम आवश्यकतावाली फसलें ली जाती है ।

(3) आई खेती: जहाँ वर्षा अधिक होती है और सिंचाई की सुविधा भी अधिक है ऐसे क्षेत्रों में आद्र कृषि ली जाती है । इस प्रकार की खेती में वर्ष में एक से अधिक फसल ले सकते है । यहाँ गन्ना, धान, हरी शाक-सब्जी की खेती होती है ।

(4) स्थानान्तरित (झूम) खेती: इस प्रकार की खेती में जंगलों के वृक्षों को काटकर जमीन साफ की जाती है । दो-तीन वर्ष के बाद जमीन के उपजाऊपन में कमी होने से उस क्षेत्र को छोड़कर दूसरे स्थान पर इसी तरह ही खेती की जाती है इसे झूम खेती भी कहते हैं । इस कृषि में सूखे अनाज और शाक-सब्जियों की खेती होती है ।

(5) बागायती खेती: बागायती खेती एक विशेष प्रकार की खेती है । इसमें रबड़, चाय, कॉफी, कोको, नारियल के उपरांत अमरुद, आम, संतरा, अंगूर, सेव, आँवला, नींबू आदि फलों की खेती होती है । इस प्रकार की खेती में अधिक पूँजी निवेश, कुशलता, तकनीकि ज्ञान, यंत्र, खाद, सिंचाई, देखभाल, संग्रह और परिवहन की पर्याप्त सुविधा होनी चाहिए ।

(6) सघन खेती: जहाँ पर सिंचाई की अधिक सुविधा हो, वहाँ का किसान खाद और जंतुनाशक दवाओं, यंत्रों का खेती में व्यापक उपयोग करता है । परिणामस्वरूप खेती का उत्पादन बढ़ता है । खेती के इस प्रकार को सघन खेती कहते हैं ।

प्रश्न 2.
भारत में कृषि क्षेत्र में हुए संस्थागत सुधारों की जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
भारत में जमीन मालिकी, खेत का कर्ज और कृषि उत्पादन की बिक्री के संबंध में निम्न संस्थागत सुधार हुए है:

  • सरकार ने जमीदारी प्रथा को समाप्त करके किसानों को शोषण से मुक्त किया ।
  • ‘जो जोते उसकी जमीन’ के कानून द्वारा खेत को जोतनेवाले को जमीन का मालिकी अधिकार दिया ।
  • किसान क्रेडिट कार्ड द्वारा राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों से किसानों को आर्थिक मदद के रूप में कर्ज दिया जाता है ।
  • सरकार बीजों और खाद तथा जंतुनाशक दवाएँ खरीदने के लिए सबसीडी और आर्थिक मदद करती है ।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना द्वारा किसानों को खेती फसलों की बीमाकीय रक्षा प्रदान की गयी है ।
  • अकाल या अधिक वर्षा के कारण फसल निष्फल जाये तब सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता की जाती है । .
  • मार्केट यार्ड में कृषि उपजों की बिक्री में कानूनी प्रावधान द्वारा खुली बिक्री की प्रक्रिया को व्यापक बनाया है ।
  • किसानों को कृषि उपजों का उचित मूल्य मिले इसके लिए सरकारी मंडलियों, खरीद बिक्री संघ, सहकारी स्तर पर गोदामों, शीतगृहों, परिवहन और संचार की सुविधाएँ दी जाती है ।
  • किसानों से कृषि उपजे सरकार द्वारा निश्चित किये गये समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए निम्न संस्थाओं की स्थापना की गयी है –
    (i) नेशनल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इण्डिया ।
    (ii) गुजरात तेलीय उत्पादन संघ
    (iii) राष्ट्रीय डेयरी विकास निगम ।

प्रश्न 3.
‘विश्व बाजार और भारत की खेती’ पर टिप्पणी लिखिए ।
उत्तर:
भारत के किसान अपनी कृषि उपजों को वैश्विक बाजार में बेचकर लाभ प्राप्त कर सके इस उद्देश्य से कृषि क्षेत्र में वैश्विकरण की नीति अमल में रखी है ।

  • वैश्विकरण के कारण कृषि क्षेत्र में कुछ परिवर्तन आये है ।
  • कृषि क्षेत्र में उपजों के आयात-निर्यात की प्रक्रिया सरल की गयी ।
  • गुजरात से कपास, मिर्च, तिल चीन के बाजार में और विश्व के विविध फल भारत के बाजार में मिलने लगे है ।
  • वैश्विकीकरण से भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनीयों द्वारा बेचे जानेवाले महँगे भाव के ‘जिनेटिकली मोडीफाईड’, ‘बी.टी.’ बीज आये है, जिससे कृषि महँगी हुई है । यद्यपि इससे कपास और मकई के उत्पादन में वृद्धि हुई है ।
  • आयात सरल होने से देश में ही हमारी कृषि उपजों को प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है ।
  • कुछ उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलने से पेटन्ट रजिस्ट्रेशन जरूरी हो गया है ।
  • विश्व बाजार में हमारी गुणवत्ता के उत्पादनों का पेटन्ट देश के नाम पर दर्ज करवाना जरूरी हो गया है ।
  • भारत को वैश्विक बाजारों में होनेवाली प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए नयी टेक्नोलॉजी अपनाकर गुणवत्ता पर ध्यान केन्द्रित करना पड़ेगा ।
  • कृषि क्षेत्र में जुड़े लोगों की आर्थिक उन्नति और संपन्नता बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध कदम उठाने पड़ेंगे ।

प्रश्न 4.
भारत की गेहूँ की फसल का सविस्तार से वर्णन करो ।
उत्तर:
धान के बाद गेहूँ दूसरी मुख्य फसल है ।

  • भारत की एक तिहाई कृषि भूमि पर गेहूँ की खेती की जाती है ।
  • गेहूँ भारत के उत्तर-पश्चिम भाग के लोगों की मुख्य खुराक है ।
  • गेहूँ समशीतोष्ण कटिबंधीय रवि की फसल है ।
  • गेहूँ के लिए काली या उपजाऊ दोमट मिट्टी और 75 से वार्षिक वर्षा आवश्यक होती है ।
  • गेहूँ के लिए 100 सेमी वर्षा अनुकूल रहती है ।
  • हरियाली क्रांति से गेहूँ का लगभग दो गुना उत्पादन हो गया है ।
  • गेहूँ की कृषि मुख्यत: पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होती है । देश के दो-तिहाई गेहूँ का उत्पादन इन राज्यों में होता है ।
  • इन राज्यों में सिंचाई की सुविधा होने से प्रति हेक्टेयर उत्पादन अधिक होता है ।
  • पंजाब में नेहरों की सुविधा से यहाँ गेहूँ का उत्पादन विपुल होता है, इसलिए पंजाब को गेहूँ का भंडार कहते हैं ।
  • मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में भी गेहूँ की बुवाई होती है ।
  • गुजरात के भाल प्रदेश में ‘भालिया गेहूँ’ उत्पन्न होता है । इसके अलावा मेहसाणा, राजकोट, जूनागढ़, खेड़ा आदि में उत्पादन होता है ।
  • गेहूँ से रोटी, भाखरी, सेव, हलवा, लापशी, लड्डु, सूखड़ी, पाव, पूरी, केक, बिस्कीट आदि अनेक वानगियाँ बनती है ।
  • सभी अनाजों से गेहूँ में पोष्टिक तत्त्व अधिक होने से गेहूँ को अनाज का भंडार कहते हैं ।

प्रश्न 5.
भारत की तेलीय फसलों की जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
भारत की मुख्य तेलीय फसलें निम्नानुसार है:

(1) मूंगफली: मूंगफली की फसल को काली, कसवाली, दोमट और लावा की रेतीमिश्रित, पानी न भरे ऐसी जमीन, 20° से 25° से तापमान, 50 से 70 सेमी वर्षा अनुकूल है । गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु मुख्य उत्पादक राज्य है । विश्व में भारत चीन के बाद दूसरा उत्पादक राज्य है । भारत में गुजरात दूसरा उत्पादक राज्य है । गुजरात में सबसे अधिक मूंगफली के तेल का खाद्यतेल में उपयोग होता है ।

(2) तिल: तिल उत्तर भारत में वर्षा पर आधारित खरीफ की फसल है । तिल लगभग सभी राज्यों में बोया जाता है । सभी तिहनों में सबसे अधिक तेल तिल में होता है । भारत में गुजरात, पं. बंगाल, कर्णाटक और मध्य प्रदेश मुख्य उत्पादक है । गुजरात समग्र भारत में तिल की बुवाई और उत्पादन में प्रथम स्थान पर है । भारत विश्व में सबसे अधिक तिल का निर्यात करनेवाला देश है ।

(3) सरसौं: सरसौं रबि की फसल है । यह उत्तर भारत की महत्त्वपूर्ण तेलिय फसल है । सरसों के बीज और खाद्य तेल के रूप में उपयोग होता है । राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पं. बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश इसके मुख्य उत्पादक है ।

(4) नारियल: नारियल यह समुद्री किनारे पर गरम और नमीवाली जलवायु तथा क्षारवाली जमीन में होनेवाली बागायती फसल है । भारत में कर्णाटक, केरल, तमिलनाडु, अंदमान, निकोबार में नारियल के बगीचे है । गुजरात के समुद्री किनारों पर नारियल की बुवाई होती है । दक्षिण भारत में नारियल के तेल का उपयोग खाद्य तेल के रूप में होता है । नारियल का पानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है ।

(5) अरंडी: यह खरीफ और रबि की फसल है । अरण्डी के विश्वक उत्पादन के 64% भाग के साथ भारत का विश्व में प्रथम स्थान है । भारत के कुल उत्पादन का लगभग 80% भाग गुजरात में उत्पन्न होता है । इसके उपरांत गुजरात और राजस्थान में भी उत्पादन होता है । गुजरात में बनासकांठा, पाटण, साबरकांठा, राजकोट, जूनागढ़, अमरेली आदि जिलों में अरंडी का उत्पादन होता है ।

(6) अन्य : वर्तमान समय में कपास, सूर्यमुखी, धान, मकई, सोयाबीन आदि के तेल का भी खाद्य तेल के रूप में उपयोग होता है ।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:

प्रश्न 1.
जैविक (सजीव) कृषि की ओर झुकाव क्यों बढ़ रहा है ?
उत्तर:
सजीव कृषि अर्थात् खेती की ऐसी पद्धति जिसमें युरिया या बीज किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद और जंतुनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता ।

  • फसल को पोषण के लिए गोबर का खाद, कम्पोस्ट खाद आदि तथा फसल संरक्षण के लिए गौमूत्र, नीम, छाछ आदि का उपयोग किया जाता है ।
  • सजीव खेती की उत्पादक पौष्टिक होते है । इसमें प्राकृतिक स्वाद, मिठाश और सुगंध होती है ।
  • इसमें अधिक खनिज, विटामिन और जीवन शक्ति देनेवाले तत्त्व होते है ।
  • वर्तमान में जैविक कृषि उपजों की खूब माँग है, इसलिए इसका बदला (मूल्य) भी अच्छा मिलता है ।
  • इस कारण जैविक कृषि की ओर झुकाव बढ़ रहा है ।

प्रश्न 2.
अंतर स्पष्ट कीजिए : खरीफ की फसल – रबि की फसल

खरीफ की फसल
* वर्षाऋतु में ली जानेवाली फसल को खरीफ की फसल कहते हैं ।
* इस फसल का समय जून-जुलाई से अक्टूबर-नवम्बर तक होता है ।
* धान, मक्कई, ज्वार, बाजरी, तिल, मूंगफली, मोठ-मूंग आदि खरीफ की फसलें है ।

रबि की फसल
* शीत ऋतु में ली जानेवाली फसल को रबि की फसल कहते है ।
* इस फसल का समय अक्टूबर-नवम्बर से मार्च-अप्रैल तक होता है ।
* गेहूँ, चना, जौ, सरसौ, राई, अलसी आदि रबि की फसलें है ।

प्रश्न 3.
भारतीय अर्थतंत्र में कृषि का योगदान समझाओ ।
उत्तर:
भारतीय अर्थतंत्र में कृषि का योगदान इस प्रकार से है :

  • कृषि से भारत की लगभग आधी जनसंख्या को रोजगार मिलता है ।
  • भारत के कुल घरेलु उत्पादन (GDP) में कृषि का 17% हिस्सा है ।
  • भारतीय मुख्य कृषि उपजों के निर्यात से विदेशी मुद्रा की कमाई होती है ।
  • कृषि उत्पादनों के उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है ।
  • सूती कपड़ा, चीनी, कागज, तिल आदि उद्योगों तथा खाद्य सामग्री से संलग्न उद्योगों के लिए कच्चा माल भी खेती से प्राप्त होता
  • कृषि भारत के लोगों की भोजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करती है ।
  • कृषि के साथ-साथ पशुपालन से अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है ।

प्रश्न 4.
‘धान : भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण फसल है ।’ समझाइए ।
उत्तर:
धान भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण फसल है । देश की लगभग आधी जनसंख्या भोजन में चावल का उपयोग करती है ।

  • विश्व में धान उत्पादन में भारत का चीन के बाद दूसरा स्थान है ।
  • भारत के कुल बुआई क्षेत्र के चौथे भाग पर धान बोया जाता है ।
  • धान ऊष्ण कटिबन्ध की फसल है । जिसके लिए नमीयुक्त जलवायु, नदियों की कांप मिट्टी, 20° से. तापमान और 100 सेमी से अधिक वर्षा अनुकूल रहती है ।
  • भारत में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, उड़ीसा मुख्य उत्पादक राज्य है ।
  • पं. बंगाल, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, उड़ीसा तथा तमिलनाडु राज्यों में वर्ष में दो बार फसल ली जाती है ।
  • धान के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होने के उपरांत फुवारा पद्धति से सिंचाई करके कम पानी से भी धान की फसल ली जाती है ।
  • गुजरात में सुरत, तापी, पंचमहल, अहमदाबाद, खेड़ा, आणंद, वलसाड आदि जिलों में धान की बुवाई होती है ।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:

प्रश्न 1.
मकई का उपयोग बताइए ।
उत्तर:
मकई पर्वतीय लोगों की मुख्य खुराक है । मकई में मुख्यतः स्टार्च, तेल, प्रोटीन, बायो फ्युअल जैसे घटक होने से उसका औद्योगिक पेदाईशों में उपयोग बढ़ रहा है ।

प्रश्न 2.
कॉफी की फसल की अनुकूलताएँ बताइए ।
उत्तर:
कॉफी की फसल को पहाड़ी ढलानों में सीधा सूर्यप्रकाश न पड़े ऐसे बड़े पेड़ों की ढलानों में बोया जाता है ।

  • कॉफी के लिए 150 से 200 सेमी वर्षा, 15° से 28° से. तापमान और पर्वतीय ढलानोंवाली जमीन अनुकूल रहती है ।
  • भारत में कर्णाटक, केरल, तमिलनाडु में कॉफी की कृषि होती है ।

प्रश्न 3.
भाल प्रदेश में किस प्रकार की खेती होती है ? और कौन-सी फसल ली जाती है ?
उत्तर:
भाल प्रदेश में रबि की खेती अधिक होती है । यहाँ पर उत्तम किस्म का ‘भालिया गेहूँ’ उत्पन्न होता है ।

प्रश्न 4.
हरियाली क्रांति किसे कहते हैं ?
उत्तर:
बीजों की सुधरी हुई किस्म, रासायनिक खाद का उपयोग बढ़ने, देश के किसानों का प्रचंड पुरुषार्थ, बीजली के वितरण की उत्तम व्यवस्था, सिंचाई की सुविधा में हुए सुधार आदि कारणों से कृषि क्षेत्र में उत्पादन में हुई असाधारण वृद्धि को हरियाली क्रांति कहते हैं । हरियाली क्रांति का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज में वृद्धि करना है । कृषकों को अधिक में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया और कृषि उपजों में वृद्धि करने का लक्ष्य प्राप्त करने में सफलता प्राप्त

प्रश्न 5.
कृषि संशोधन क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करनेवाली संस्था का नाम लिखिए ।
उत्तर:
कृषि संशोधन के लिए ICAR (इन्डियन काउन्सिल ऑफ एग्रिकल्चर रिसर्च) और DARE (डिपार्टमेन्ट ऑफ एग्रिकल्चर रिसर्च एण्ड एज्युकेशन) आदि राष्ट्रीय संस्थाएँ कार्यरत है ।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

प्रश्न 1.
निम्न में से किस कृषि में प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम होता है ?
(A) बागायती कृषि
(B) झूम कृषि
(C) सघन कृषि
(D) आर्द्र कृषि
उत्तर:
(B) झूम कृषि

प्रश्न 2.
निम्न में से किस कृषि में रासायनिक खाद और जंतुनाशकों का उपयोग नहीं होता है ? ।
(A) सजीव कृषि
(B) मिश्र कृषि
(C) बागायती कृषि
(D) टिकाऊ कृषि
उत्तर:
(A) सजीव कृषि

प्रश्न 3.
मूंगफली का उपयोग किस राज्य में सबसे अधिक होता है ?
(A) केरल
(B) तमिलनाडु
(C) मध्य प्रदेश
(D) गुजरात
उत्तर:
(D) गुजरात

प्रश्न 4.
चोकलेट किससे बनती है ?
(A) तिल
(B) कोको
(C) रबड़
(D) चाय
उत्तर:
(B) कोको

प्रश्न 5.
निम्न में से किस मसाला फसल के उत्पादन में गुजरात का प्रथम स्थान है ?
(A) ईसबगोल
(B) मेथी
(C) सरसों
(D) धनिया
उत्तर:
(A) ईसबगोल

प्रश्न 6.
निम्न में से कौन-सी दलहन रबि की फसल है ?
(A) उड़द
(B) मूंग
(C) चना
(D) मौठ
उत्तर:
(C) चना

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